PM आवास योजना में बड़ा बदलाव: अब इन लोगों को नहीं मिलेगा घर बनाने का लाभ, सरकार ने कसे नियम

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PM आवास योजना में बड़ा संशोधन: सरकार ने कसी पात्रता, अब ये वर्ग होंगे लाभ से वंचित

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) भारत सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी योजना है जिसका लक्ष्य वर्ष 2024 तक “सभी के लिए आवास” का संकल्प पूरा करना था। हालाँकि, इस लक्ष्य की प्राप्ति के बाद भी योजना को जारी रखने और इसे और अधिक लक्षित बनाने के उद्देश्य से सरकार ने इसमें महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, सरकार ने PMAY के नियमों को कसते हुए ऐसे लोगों को लाभ से वंचित करने का निर्णय लिया है जो वास्तव में इसके हकदार नहीं हैं। एक नीति विश्लेषक के तौर पर, मेरा मानना है कि यह कदम संसाधनों का इष्टतम उपयोग और योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इससे कुछ वास्तविक जरूरतमंद भी प्रभावित हो सकते हैं।

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क्या हैं नए नियम? मुख्य बदलावों पर एक नजर

सरकार द्वारा किए गए संशोधनों का मकसद योजना के दुरुपयोग को रोकना और लाभ को सही लोगों तक पहुँचाना है। निम्नलिखित श्रेणियों के लोग अब PMAY के लाभ के पात्र नहीं रहेंगे:

  • पहले से ही किसी सरकारी आवास योजना का लाभ ले चुके परिवार: यदि किसी परिवार के किसी सदस्य ने पहले कभी केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य आवास योजना (जैसे इंदिरा आवास योजना, राजीव आवास योजना आदि) का लाभ उठाया है, तो उस परिवार को PMAY का लाभ नहीं मिलेगा।
  • शहरी क्षेत्रों में पक्का मकान रखने वाले: PMAY-शहरी के तहत, उन परिवारों को लाभ से बाहर रखा गया है जिनके पास शहरी क्षेत्र में पक्के (पक्की छत और दीवारों वाले) मकान की स्वामित्व हकीकत है।
  • निर्धारित आय सीमा से अधिक आय वाले: योजना की दोनों श्रेणियों (EWS/LIG और MIG) के लिए तय आय सीमा का पालन सख्ती से किया जाएगा। आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) जारी करने की प्रक्रिया और सत्यापन को और मजबूत किया गया है।
  • केंद्र/राज्य सरकार के कर्मचारी (निश्चित वेतनभोगी): नए दिशानिर्देशों के अनुसार, केंद्र या राज्य सरकार में स्थायी (permanent) पद पर कार्यरत कर्मचारी, जिन्हें नियमित वेतन मिलता है, अब सामान्यतः PMAY के लाभ के पात्र नहीं होंगे। हालाँकि, इसके कुछ अपवाद भी हो सकते हैं।

नए नियमों का मौजूदा आवेदकों और लाभार्थियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

श्रेणीनए नियमों का प्रभावक्या करना चाहिए?
पहले से आवेदन कर चुके (अनुमोदन प्रतीक्षित)सभी आवेदनों की नए मापदंडों के आधार पुनः जाँच की जाएगी। नई पात्रता शर्तों पर खरे न उतरने वाले आवेदन रद्द किए जा सकते हैं।आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की AWAS सॉफ्ट पोर्टल पर अपने आवेदन की स्थिति (Application Status) नियमित जांचते रहें।
पहले चयनित/अनुमोदित लाभार्थीजिन लाभार्थियों को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है और सहायता राशि का कुछ हिस्सा भी मिल चुका है, उन पर आमतौर पर नए नियम लागू नहीं होंगे। यह ‘ग्रैंडफादर क्लॉज’ की तरह काम कर सकता है।निर्माण कार्य नियमित रूप से जारी रखें और ऋण/सब्सिडी संबंधी शर्तों का पालन करें।
नए आवेदकइन्हें शुरू से ही नए, सख्त नियमों और दस्तावेजीकरण प्रक्रिया का पालन करना होगा। आवेदन की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और IT-आधारित होगी।आवेदन करने से पहले पात्रता शर्तों (Eligibility Criteria) की सूची और आवश्यक दस्तावेजों की सूची को आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर अच्छी तरह पढ़ लें।

अब कौन है पात्र? संशोधित पात्रता मानदंड

नए नियमों के बाद भी, निम्नलिखित शर्तों को पूरा करने वाले परिवार PMAY के लाभ के पात्र बने रहेंगे:

  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख तक।
  • कम आय वर्ग (LIG): वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख से ₹6 लाख के बीच।
  • मध्यम आय वर्ग (MIG-I): वार्षिक पारिवारिक आय ₹6 लाख से ₹12 लाख के बीच।
  • मध्यम आय वर्ग (MIG-II): वार्षिक पारिवारिक आय ₹12 लाख से ₹18 लाख के बीच।
  • महिला स्वामित्व/सह-स्वामित्व को प्राथमिकता: महिला के नाम पर घर या महिला को सह-स्वामी बनाने वाले आवेदकों को प्राथमिकता दी जाती है।
  • SC/ST/OBC और अल्पसंख्यक वर्ग: इन श्रेणियों के लिए योजना में आरक्षण का प्रावधान जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: अगर मेरे पास गाँव में पक्का मकान है, लेकिन शहर में रहकर किराए के मकान में रहता हूँ, तो क्या मुझे PMAY-शहरी का लाभ मिल सकता है?

A: नए नियमों के तहत, शायद नहीं। PMAY-शहरी (PMAY-U) का मुख्य उद्देश्य उन शहरी निवासियों को लाभ देना है जिनके पास शहरी क्षेत्र में अपना कोई पक्का मकान नहीं है। यदि आपके पास ग्रामीण क्षेत्र में पक्का मकान है, तो भी आपको शहरी क्षेत्र में PMAY का लाभ लेने के लिए यह साबित करना होगा कि आपकी आजीविका का मुख्य स्रोत शहर में है और आप शहर में ही स्थायी रूप से रह रहे हैं। हालाँकि, ऐसे मामलों में आवेदन की गहन जाँच की जाती है और अंतिम निर्णय संबंधित शहरी स्थानीय निकाय (ULB) द्वारा लिया जाता है। आप PMAY ग्रामीण की पात्रता भी चेक कर सकते हैं।

Q2: क्या पहले से बने हुए या आधे-अधूरे मकान को पूरा करने के लिए भी PMAY के तहत सहायता मिल सकती है?

A: हाँ, PMAY के “सहायता से निर्माण” (Beneficiary Led Construction – BLC) घटक के तहत, पहले से बने हुए या आधे-अधूरे मकानों को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। हालाँकि, इसके लिए कुछ शर्तें हैं:

  1. मकान PMAY के न्यूनतम निर्माण मानकों (जैसे कमरों का आकार, शौचालय की सुविधा) को पूरा करना चाहिए।
  2. आवेदक के पास जमीन/मकान का स्पष्ट स्वामित्व (खसरा/मकान का कागज) होना चाहिए।
  3. निर्माण कार्य योजना के अनुमोदन के बाद ही शुरू किया जाना चाहिए। पहले से पूरा बना हुआ मकान आमतौर पर लाभ के लिए पात्र नहीं होता।
    इसकी पुष्टि के लिए अपने क्षेत्र के ग्राम पंचायत (ग्रामीण) या नगर निगम (शहरी) कार्यालय से संपर्क करें।

Q3: नए नियमों के बाद, लाभ के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया में क्या बदलाव आया है?

A: प्रक्रिया में मुख्य रूप से सत्यापन (Verification) और पारदर्शिता (Transparency) के स्तर को बढ़ाया गया है:

  1. आधार लिंकिंग अनिवार्य: मुख्य आवेदक और परिवार के सदस्यों का आधार नंबर अनिवार्य रूप से लिंक करना होगा।
  2. मल्टीपल डेटाबेस चेक: आवेदक की जानकारी की तुलना अन्य सरकारी डेटाबेस (जैसे आयकर, संपत्ति रजिस्ट्री, अन्य योजनाओं के लाभार्थी) से करके सत्यापन किया जाएगा।
  3. तीसरे पक्ष की जाँच (Third-Party Audit): कुछ मामलों में, निर्माण की गुणवत्ता और लाभार्थी की पात्रता की जाँच स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा भी कराई जा सकती है।
  4. सार्वजनिक प्रदर्शन (Public Display): चयनित लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक स्थानों और ऑनलाइन पोर्टल पर प्रदर्शित की जाती है, ताकि सामुदायिक निगरानी हो सके।

Q4: यदि मेरा आवेदन नए नियमों के कारण रद्द हो जाता है, तो क्या मैं पुनर्विचार या अपील कर सकता हूँ?

A: हाँ, आमतौर पर एक शिकायत निवारण या अपील (Grievance Redressal) का तंत्र मौजूद होता है।

  1. पहला चरण: सबसे पहले, संबंधित ग्राम पंचायत सचिव (PMAY-G) या शहरी स्थानीय निकाय के अधिकारी (PMAY-U) से संपर्क करके रद्द होने का कारण जानें और आवश्यक दस्तावेज जमा करके पुनर्विचार के लिए अनुरोध करें।
  2. ऑनलाइन शिकायत: आप AWAS सॉफ्ट पोर्टल पर मौजूद शिकायत दर्ज करने के विकल्प का उपयोग कर सकते हैं।
  3. जिला स्तरीय समिति: यदि स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं होता, तो आप जिला स्तर पर गठित PMAY की निगरानी समिति से संपर्क कर सकते हैं।
  4. लिखित शिकायत: संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (DM) या आवास विभाग के जिला अधिकारी को लिखित शिकायत भेज सकते हैं।
    सलाह: अपने सभी दस्तावेजों (आय प्रमाण पत्र, आधार, निवास प्रमाण, भूमि दस्तावेज) की कॉपी और आवेदन पावती संख्या सुरक्षित रखें।

निष्कर्ष: PM आवास योजना में किए गए ये बदलाव योजना को और अधिक लक्षित, पारदर्शी और दक्ष बनाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। हालाँकि, इससे कुछ लोग अस्थायी रूप से असंतोष महसूस कर सकते हैं, लेकिन दीर्घकाल में इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर आवंटन होगा और वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ मिलेगा। किसी भी योजना का लाभ लेने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट से नवीनतम दिशानिर्देश अवश्य पढ़ लें।


अस्वीकरण (Disclaimer): www.slmuniversity.org पर प्रकाशित सभी सामग्री केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की आधिकारिक कानूनी या प्रशासनिक सलाह नहीं है। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) से संबंधित सभी नियम, पात्रता मानदंड और लाभ की अंतिम जानकारी भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचनाओं पर निर्भर करती है। किसी भी निर्णय लेने से पहले संबंधित सरकारी विभागों से आधिकारिक जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी जाती है। लेखक या वेबसाइट किसी भी त्रुटि या कार्यान्वयन के परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। कॉपीराइट © सर्वाधिकार सुरक्षित।

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