छात्रों के लिए तनाव प्रबंधन: परीक्षा के दबाव को अपनी ताकत कैसे बनाएं?
क्या आपने भी कभी परीक्षा हॉल में प्रवेश करते ही दिल की धड़कन तेज़ होते, हाथों में पसीना आते या दिमाग एकदम सूनापन महसूस किया है? यदि हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं। परीक्षा चिंता और तनाव आज के समय में छात्र जीवन का एक सामान्य, किंतु चुनौतीपूर्ण हिस्सा बन गए हैं। एक शिक्षक और मार्गदर्शक के रूप में, मैंने यह देखा है कि तनाव खुद परीक्षा से ज्यादा छात्रों का प्रदर्शन खराब करता है। इस लेख का उद्देश्य आपको डराना या उपदेश देना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और व्यावहारिक तनाव प्रबंधन के ऐसे उपकरण देना है, जिनसे आप इस दबाव को न सिर्फ नियंत्रित कर सकें, बल्कि अपने फायदे के लिए इस्तेमाल भी कर सकें। आइए, समझते हैं कि तनाव को कैसे समझें और उससे कैसे पार पाएं।
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भाग 1: तनाव को पहचानें – यह दुश्मन नहीं, एक संकेतक है

तनाव सिर्फ नकारात्मक भावना नहीं है। यह शरीर का वह अलार्म सिस्टम है जो आपको चुनौती के लिए तैयार करता है। समस्या तब होती है जब यह अलार्म बंद ही नहीं होता। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी मानता है कि शैक्षणिक दबाव युवा मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख कारक है।
तनाव के सामान्य शारीरिक व मानसिक लक्षण:
- शारीरिक: सिरदर्द, पेट खराब, नींद न आना, भूख न लगना या ज्यादा लगना, थकान।
- भावनात्मक: चिड़चिड़ापन, घबराहट, निराशा, ध्यान केंद्रित न कर पाना, याददाश्त में कमी।
- व्यवहारिक: पढ़ाई से बचना, टालमटोल करना, सामाजिक दूरी बनाना।
अगर आप इनमें से कुछ लक्षण महसूस करते हैं, तो यह कोई कमज़ोरी नहीं, बल्कि यह समझने का संकेत है कि आपको अपनी मानसिक स्वास्थ्य देखभाल पर ध्यान देने की जरूरत है।
भाग 2: तनाव प्रबंधन के 5 व्यावहारिक और वैज्ञानिक तरीके
यहाँ कोई जादू की गोली नहीं, बल्कि ऐसे तरीके हैं जिन्हें लगातार अभ्यास से आप आसानी से अपना सकते हैं।
1. ‘खंडित अध्ययन’ तकनीक और रियलिस्टिक प्लानिंग
टाइम टेबल बनाना अच्छा है, लेकिन अवास्तविक टाइम टेबल बनाना तनाव का सबसे बड़ा कारण है।
- क्या करें: पोमोडोरो तकनीक आज़माएं: 25 मिनट का फोकस्ड अध्ययन, फिर 5 मिनट का ब्रेक। हर चौथे पोमोडोरो के बाद 15-20 मिनट का लंबा ब्रेक लें।
- टिप: अपनी क्षमता के अनुसार लक्ष्य रखें। “आज 10 चैप्टर पूरे करूँगा” के बजाय “आज इस टॉपिक के 3 महत्वपूर्ण बिंदु समझूँगा” जैसा लक्ष्य रखें।
2. शारीरिक गतिविधि: तनाव से छुटकारा पाने का सबसे प्राकृतिक तरीका
व्यायाम करने से एंडोर्फिन नामक ‘फील-गुड’ हार्मोन रिलीज होता है, जो प्राकृतिक रूप से मूड ठीक करता है।
- क्या करें: रोजाना सिर्फ 30 मिनट की तेज चहलकदमी, साइकिलिंग, या योगासन पर्याप्त है। परीक्षा के दिन भी सुबह 10 मिनट की स्ट्रेचिंग करें।
- गहरी सांस लेने का अभ्यास (4-7-8 तकनीक): 4 सेकंड तक नाक से सांस भरें, 7 सेकंड तक रोककर रखें, और 8 सेकंड में मुँह से सांस छोड़ें। यह तत्काल शांति देता है।
3. पोषण और नींद: दिमाग की बैटरी रिचार्ज करें
- आहार: जंक फूड और अत्यधिक चाय-कॉफी से बचें। नट्स, दही, फल, और पर्याप्त पानी दिमाग के लिए ईंधन का काम करते हैं। भारतीय खानपान में हल्दी (करक्यूमिन), अखरोट और हरी पत्तेदार सब्जियाँ फायदेमंद हैं।
- नींद: रात की नींद दिमाग की ‘क्लीनिंग’ प्रक्रिया है। 7-8 घंटे की गहरी नींद याददाश्त और एकाग्रता के लिए अत्यंत जरूरी है। सोने से एक घंटे पहले मोबाइल स्क्रीन से दूरी बनाएँ।
4. संज्ञानात्मक पुनर्गठन: अपने विचारों को चुनौती देना
तनाव अक्सर नकारात्मक विचारों से पैदा होता है (“मैं फेल हो जाऊंगा”, “मैं कुछ याद नहीं रख पा रहा”)।
- क्या करें: इन विचारों को पहचानें और उनकी वैधता पर सवाल उठाएं। खुद से पूछें: “क्या इस बात का 100% सबूत है?” इन विचारों को सकारात्मक, यथार्थवादी बयानों से बदलें: “मैंने पूरी मेहनत की है, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगा।”
5. सामाजिक समर्थन तंत्र बनाए रखें
खुद को अलग-थलग कर लेना सबसे बड़ी भूल है। अपने भावनाओं को किसी विश्वासपात्र दोस्त, परिवार के सदस्य या शिक्षक से साझा करें। बस बात कर लेने से भारीपन कम हो जाता है।
भाग 3: परीक्षा से ठीक पहले और दौरान तनाव प्रबंधन

| समय | क्या करें | क्या न करें |
|---|---|---|
| परीक्षा से एक दिन पहले | हल्का भोजन करें, सारी सामग्री तैयार रखें, हल्का रिवीजन करें, समय से सोएं। | नया टॉपिक शुरू करने की कोशिश न करें, भारी या बाहर का खाना न खाएं, देर रात तक न जागें। |
| परीक्षा के दिन सुबह | हल्का नाश्ता करें, पानी पीएं, 5 मिनट का गहरी सांस का अभ्यास करें, समय पर हॉल पहुँचें। | खाली पेट न जाएं, दोस्तों से डरावनी चर्चा न करें, अफवाहों पर ध्यान न दें। |
| परीक्षा हॉल में | प्रश्न पत्र मिलते ही पहले 5 मिनट सभी प्रश्न ध्यान से पढ़ें, आसान प्रश्न से शुरुआत करें। | किसी एक कठिन प्रश्न पर अटककर समय बर्बाद न करें, दूसरों की लिखने की गति देखकर घबराएं नहीं। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: परीक्षा के दौरान अचानक घबराहट या पैनिक अटैक आने पर तुरंत क्या करें?
A: ऐसी स्थिति में, अपनी जगह पर बैठे-बैठे ही ये तत्काल उपाय आजमाएं:
- ध्यान भटकाएं: अपनी कलाई पर रबर बैंड चटकाएं या ठंडे पानी से हाथ धो लें। यह संवेदी शॉक आपका ध्यान वर्तमान में लाता है।
- जमीन से जुड़ें (5-4-3-2-1 तकनीक): अपने आस-पास देखकर पहचानें: 5 चीजें जो आप देख सकते हैं, 4 चीजें जो छू सकते हैं, 3 चीजें जो सुन सकते हैं, 2 चीजें जो सूंघ सकते हैं, और 1 चीज जो स्वाद ले सकते हैं। यह तकनीक पैनिक को तोड़ने में कारगर है।
- माइंडफुल ब्रेथिंग: सिर्फ अपनी सांसों पर ध्यान दें, उन्हें बदलने की कोशिश न करें। बस उनके आने-जाने को महसूस करें।
याद रखें, यह लहर की तरह आता है और चला जाता है। इसे स्वीकार कर लेने मात्र से इसकी तीव्रता कम हो जाती है।
Q2: क्या तनाव के लिए पेशेवर मदद लेना ठीक है? कब समझें कि अब यह जरूरी है?
A: बिल्कुल ठीक है। जिस तरह शारीरिक बीमारी के लिए डॉक्टर के पास जाते हैं, उसी तरह लंबे समय तक रहने वाले तनाव के लिए मनोवैज्ञानिक या काउंसलर से सलाह लेना पूरी तरह सामान्य और जिम्मेदाराना कदम है। इन संकेतों पर ध्यान दें:
- तनाव रोजमर्रा की जिंदगी (सोना, खाना, रिश्ते) में बाधा डाल रहा हो।
- लगातार उदासी, निराशा या आत्महत्या के विचार आ रहे हों।
- शराब या नशीली दवाओं का सेवन शुरू कर दिया हो।
भारत में, आप कोओ-विनेग्रेट्स हेल्पलाइन (+91-8422984528) या आरोग्य सेतु हेल्पलाइन जैसी सेवाओं से गोपनीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानसिक स्वास्थ्य रिपोर्ट भी पेशेवर मदद के महत्व पर प्रकाश डालती है।
Q3: तनाव कम करने वाले आहार में किन चीजों को शामिल करना चाहिए?
A: आहार मूड को सीधे प्रभावित करता है। अपने आहार में इन्हें शामिल करने का प्रयास करें:
| खाद्य समूह | उदाहरण | वैज्ञानिक कारण |
|---|---|---|
| कॉम्प्लेक्स कार्ब्स | ओट्स, साबुत अनाज की रोटी, ब्राउन राइस | सेरोटोनिन (“फील-गुड” केमिकल) के स्तर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं, मूड स्थिर रखते हैं। |
| ओमेगा-3 फैटी एसिड | अखरोट, फ्लैक्ससीड्स, फैटी फिश | मस्तिष्क की कोशिकाओं के लिए बिल्डिंग ब्लॉक्स हैं, सूजन कम करते हैं। |
| विटामिन-बी और सी | खट्टे फल, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, दालें | तनाव हार्मोन (कोर्टिसोल) को संतुलित करने और ऊर्जा बनाए रखने में मददगार। |
| मैग्नीशियम | केला, पालक, डार्क चॉकलेट (70%+) | मांसपेशियों को आराम देता है और चिंता के लक्षणों को कम करता है। |
सबसे जरूरी है पर्याप्त पानी पीना। निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) सिरदर्द और थकान बढ़ा सकता है।
Q4: लंबी अवधि के लिए अपने मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत कैसे बनाएं?
A: दीर्घकालिक मानसिक ताकत एक निवेश की तरह है। इन आदतों को अपनाएं:
- नियमित दिनचर्या बनाएं: सोने, जागने, खाने और पढ़ने का एक तय समय होने से जीवन में संरचना और नियंत्रण का अहसास होता है।
- डिजिटल डिटॉक्स करें: सोशल मीडिया पर अत्यधिक समय बिताना तुलना और चिंता बढ़ाता है। दिन में कुछ घंटे ‘स्क्रीन-फ्री’ रखें।
- एक शौक विकसित करें: संगीत, पेंटिंग, गार्डनिंग, या कोई भी सृजनात्मक गतिविधि दिमाग के लिए आराम और संतुष्टि का स्रोत है।
- कृतज्ञता का अभ्यास करें: रोजाना सोने से पहले उन 3 चीजों के बारे में सोचें जिनके लिए आप आभारी हैं, चाहे वे छोटी ही क्यों न हों। यह सकारात्मकता बढ़ाता है।
याद रखें, तनाव प्रबंधन कोई एक बार की घटना नहीं, बल्कि एक सतत अभ्यास है। छोटी-छोटी शुरुआत करें, अपने प्रति दयालु बनें, और यह समझें कि आपका मानसिक स्वास्थ्य आपकी सफलता की नींव है।
लेखक का परिचय
घनश्याम नामदेव
शिक्षा क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, घनश्याम नामदेव एक जाने-माने शैक्षिक सलाहकार और मार्गदर्शक हैं। उन्होंने हजारों छात्रों को कॉलेज जीवन से लेकर करियर निर्माण तक के चुनौतीपूर्ण चरणों में सफलतापूर्वक मार्गदर्शन किया है। उनकी विशेषज्ञता उच्च शिक्षा नीतियों, छात्र कल्याण और अकादमिक रणनीति नियोजन में है।
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