क्या आप भी केंद्रीय कर्मचारी हैं और अपनी सैलरी बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं? अगर हाँ, तो 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) आपके लिए खुशियों का खजाना लेकर आने वाला है। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रही हैं और 1 जनवरी 2026 से नए वेतन आयोग के लागू होने की प्रबल संभावना है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मीडिया रिपोर्ट्स और कर्मचारी संगठनों की मांगों को देखें, तो इस बार सैलरी में 25% से 35% तक का जबरदस्त उछाल आ सकता है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आपकी जेब में कितना पैसा आएगा? क्या फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) 3.68 होगा या सरकार कोई नया फॉर्मूला लाएगी?
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इस विस्तृत रिपोर्ट में हम आपको 8वें वेतन आयोग से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी, सैलरी कैलकुलेशन का गणित और सरकार के ताजा रुख के बारे में बताएंगे। यह आर्टिकल पढ़ने के बाद आपके मन में कोई डाउट नहीं रहेगा।
8वां वेतन आयोग: कब होगा लागू? (Implementation Date)
केंद्रीय कर्मचारियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है – “कब से मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी?”
- नियम: भारत में आमतौर पर हर 10 साल बाद नया वेतन आयोग लागू होता है। 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 को लागू हुआ था।
- प्रबल संभावना: इस हिसाब से 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होना चाहिए।
- वर्तमान स्थिति: हालांकि सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर आयोग के गठन की घोषणा नहीं की है, लेकिन वित्त मंत्रालय को प्रस्ताव सौंपे जा चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 की शुरुआत में ही इसकी सिफारिशें प्रभावी मानी जाएंगी, भले ही घोषणा में थोड़ा समय लग जाए।
सरकारी लिंक: वेतन और भत्तों से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए आप व्यय विभाग (Department of Expenditure) की वेबसाइट चेक कर सकते हैं।
सैलरी का नया गणित: Fitment Factor का खेल
आपकी सैलरी कितनी बढ़ेगी, यह पूरी तरह से ‘फिटमेंट फैक्टर’ पर निर्भर करता है। यह एक ऐसा मल्टीप्लायर (Multiplier) है जिससे आपकी बेसिक सैलरी गुणा होती है।

मौजूदा स्थिति (7th CPC)
- फिटमेंट फैक्टर: 2.57
- न्यूनतम बेसिक सैलरी: ₹18,000
8वें वेतन आयोग में उम्मीद (Expected in 8th CPC)
कर्मचारी यूनियनों की मांग है कि फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.68 किया जाए। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि सरकार इसे 1.92 से 2.86 के बीच रख सकती है।
सैलरी कैलकुलेशन (उदाहरण): अगर आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी ₹18,000 है, तो देखिए फिटमेंट फैक्टर बदलने पर क्या असर होगा:
| फिटमेंट फैक्टर | गणना (Calculation) | नई बेसिक सैलरी (अनुमानित) |
|---|---|---|
| 2.57 (मौजूदा) | 18,000 x 2.57 | ₹46,260 |
| 3.68 (मांग) | 18,000 x 3.68 | ₹66,240 |
| 2.86 (संभावित) | 18,000 x 2.86 | ₹51,480 |
यानी अगर सरकार 2.86 का फैक्टर भी मानती है, तो न्यूनतम सैलरी सीधे ₹51,000 के पार जा सकती है।
न्यूनतम सैलरी: ₹18,000 से सीधे ₹51,000?
7वें वेतन आयोग में न्यूनतम सैलरी ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 की गई थी। अब बढ़ती महंगाई और कर्मचारियों की जरूरतों को देखते हुए, 8वें वेतन आयोग में इसे ₹34,500 से ₹51,480 के बीच फिक्स किए जाने की चर्चा है।
- क्यों है मांग? पिछले 10 सालों में महंगाई दर (Inflation Rate) में काफी बढ़ोतरी हुई है। गैस, पेट्रोल और खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में ₹18,000 की बेसिक सैलरी में गुजारा करना मुश्किल हो गया है।
- पेंशनर्स को भी फायदा: अगर बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन भी उसी अनुपात में बढ़ेगी।
भत्तों (Allowances) में क्या बदलाव होंगे?
सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि आपके भत्ते भी बढ़ेंगे।
- HRA (House Rent Allowance): शहरों की श्रेणी (X, Y, Z) के आधार पर HRA रिवाइज होगा। बेसिक सैलरी बढ़ने से HRA की राशि अपने आप बढ़ जाएगी।
- TA (Transport Allowance): पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने के कारण यात्रा भत्ते में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
- DA मर्जर (DA Merger): जब महंगाई भत्ता (DA) 50% पार कर जाता है, तो उसे बेसिक में मर्ज करने की मांग होती है। 8वें आयोग में यह प्रक्रिया दोहराई जा सकती है, जिससे सैलरी स्ट्रक्चर पूरी तरह बदल जाएगा।
सरकार का क्या कहना है? (Government’s Stance)
संसद के शीतकालीन सत्र में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया था कि फिलहाल 8वें वेतन आयोग के गठन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह आएगा ही नहीं।
- चुनावी साल का असर: अक्सर सरकारें चुनाव से पहले या बाद में कर्मचारियों को खुश करने के लिए ऐसे बड़े फैसले लेती हैं।
- दबाव: कर्मचारी संगठनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समय पर आयोग नहीं बना, तो वे आंदोलन करेंगे।
महत्वपूर्ण लिंक: कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की वेबसाइट persmin.gov.in पर आप नवीनतम सर्कुलर देख सकते हैं।
7वां vs 8वां वेतन आयोग: तुलना (Comparison)
| विवरण | 7वां वेतन आयोग (2016) | 8वां वेतन आयोग (2026 संभावित) |
|---|---|---|
| न्यूनतम सैलरी | ₹18,000 | ₹34,500 – ₹51,480 |
| फिटमेंट फैक्टर | 2.57 | 2.86 – 3.68 |
| सैलरी बढ़ोतरी | ~14-23% | ~25-35% |
| फायदा किसे? | 1 करोड़+ कर्मचारी/पेंशनर्स | 1.2 करोड़+ कर्मचारी/पेंशनर्स |
निष्कर्ष (Conclusion)
8th Pay Commission का आना लगभग तय है, बस समय की बात है। अगर सब कुछ सही रहा, तो 2026 केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए ‘गोल्डन ईयर’ साबित होगा। ₹51,000 तक की न्यूनतम सैलरी आर्थिक आजादी की दिशा में एक बड़ा कदम होगी।
हमारी सलाह है कि आप अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करें। अपने वित्त (Finance) को प्लान करते समय इन संभावित बढ़ोतरियों को ध्यान में रखें, लेकिन अभी खर्च न बढ़ाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. 8वां वेतन आयोग कब लागू होगा?
पूरी संभावना है कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा।
2. मेरी सैलरी कितनी बढ़ेगी?
यह फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करता है। अनुमान है कि आपकी ग्रॉस सैलरी में कम से कम 25% से 35% की बढ़ोतरी हो सकती है।
3. क्या पेंशनभोगियों को भी फायदा होगा?
जी हाँ, बेसिक सैलरी बढ़ने से पेंशन की राशि भी रिवाइज होगी और DR (Dearness Relief) का लाभ भी मिलेगा।
4. क्या सरकार ने 8वें वेतन आयोग की घोषणा कर दी है?
अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन वित्त मंत्रालय को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं।
5. फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?
यह एक गुणांक है जिससे आपकी बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी निकाली जाती है। 7वें आयोग में यह 2.57 था।
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