झारखंड की लाखों माताओं और बहनों के लिए शनिवार, 20 दिसंबर, किसी त्योहार से कम नहीं था। राज्य में चुनावी वादों और सुशासन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ‘मंईयां सम्मान योजना’ (Maiya Samman Yojana) के तहत धनवर्षा शुरू कर दी है। रांची से लेकर दुमका तक, महिलाओं के बैंक खातों में मोबाइल की घंटियां बजनी शुरू हो गई हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिर्फ सम्मान राशि ही नहीं, बल्कि सहारा इंडिया में फंसे खून-पसीने की कमाई को लेकर भी केंद्र और राज्य स्तर पर एक सकारात्मक हलचल देखने को मिल रही है। 2026 की शुरुआत से पहले सरकार ने लंबित भुगतानों को क्लियर करने का रोडमैप तैयार कर लिया है। अगर आपके खाते में अभी तक पैसा नहीं आया है या सहारा का रिफंड अटका है, तो यह रिपोर्ट आपके लिए बेहद जरूरी है।
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प्रमुख अपडेट्स: एक नजर में (Quick Overview Table)
आसानी से समझने के लिए, यहाँ आज के प्रमुख अपडेट्स का सारांश दिया गया है:
| योजना का नाम (Scheme Name) | अपडेट का प्रकार (Update Type) | राशि (Amount) | स्थिति (Current Status) |
|---|---|---|---|
| मंईयां सम्मान योजना (16वीं किस्त) | पिछला बकाया भुगतान | ₹2500 | जारी कर दिया गया |
| मंईयां सम्मान योजना (17वीं किस्त) | वर्तमान माह का भुगतान | ₹2500 | जारी कर दिया गया |
| कुल लाभ (Total Benefit) | दोनों किस्तें एक साथ | ₹5000 | डीबीटी (DBT) शुरू |
| सहारा इंडिया रिफंड | निवेश वापसी | ₹10,000 से ₹50,000 तक | प्रक्रिया तेज, 2026 तक लक्ष्य |
| नया आवेदन (New Application) | 18 वर्ष से ऊपर की महिलाओं के लिए | ₹2500 प्रति माह | जनवरी 2026 से पोर्टल खुलेगा |
मंईयां सम्मान योजना: 16वीं और 17वीं किस्त का गणित
राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अपनी तिजोरी खोल दी है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभाग ने 16वीं और 17वीं किस्त का पैसा जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
डबल बोनान्ज़ा (Double Bonanza)
जिन लाभार्थियों को पिछली किस्त (16वीं) तकनीकी कारणों या फंड की कमी से नहीं मिल पाई थी, उन्हें इस बार एक साथ ₹5000 (₹2500 + ₹2500) की राशि ट्रांसफर की जा रही है। यह राशि महिलाओं को घर के छोटे-मोटे खर्चों और अपनी जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मदद करेगी।
आज का लाइव अपडेट
रांची मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, आज शाम 6 बजे तक कई जिलों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से पैसा क्रेडिट होने की उम्मीद है। फंड की कमी के चलते प्रक्रिया थोड़ी धीमी जरूर थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसे ‘मिशन मोड’ में रफ़्तार दी गई है। 15 से 20 दिसंबर के बीच का समय इसके लिए निर्धारित किया गया था, और अब यह अपने अंतिम चरण में है।
पैसा क्यों अटक रहा है? तुरंत करें ये सुधार (Troubleshooting)
अगर आपके आस-पड़ोस में महिलाओं को पैसा मिल गया है लेकिन आपका खाता खाली है, तो घबराने के बजाय अपनी दस्तावेजों की जांच करें। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना e-KYC के पैसा ट्रांसफर नहीं होगा।
- राशन कार्ड स्टेटस: सबसे पहले चेक करें कि आपका नाम राशन कार्ड से हटा तो नहीं दिया गया है। कई बार ई-केवाईसी न होने पर नाम काट दिए जाते हैं। अगर नाम नहीं है, तो सम्मान राशि रुक जाएगी।
- बैंक e-KYC और आधार सीडिंग: अपने बैंक जाकर आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding) चेक करवाएं। अगर आपका खाता NPCI (National Payments Corporation of India) से लिंक नहीं है, तो पैसा बीच में ही लटक जाएगा। डीबीटी के लिए यह अनिवार्य है।
- नया आवेदन (New Application): जो बहनें अभी तक इस योजना से नहीं जुड़ पाई हैं या जिनकी उम्र हाल ही में 18 वर्ष हुई है, उनके लिए जनवरी 2026 से पोर्टल दोबारा खुलने जा रहा है। अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक और राशन कार्ड तैयार रखें।
सहारा इंडिया रिफंड: 2026 से पहले बड़ी उम्मीद
सहारा इंडिया के करोड़ों निवेशकों के लिए भी अंधेरे सुरंग के अंत में रोशनी दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के निर्देशों के बाद रिफंड प्रक्रिया में तेजी आई है।
रिफंड की सीमा बढ़ी
शुरुआती चरण में छोटे निवेशकों को केवल ₹10,000 तक मिल रहे थे, लेकिन अब रिपोर्ट्स दावा कर रही हैं कि रिफंड की सीमा बढ़ाकर ₹50,000 कर दी गई है। यानी जिनका निवेश इस दायरे में है, उन्हें पैसा वापस मिलना शुरू हो गया है।
क्या करें निवेशक?
सरकार का लक्ष्य है कि 2026 आने से पहले अधिकतम पात्र निवेशकों का पैसा लौटा दिया जाए।
- रिसबमिशन (Resubmission): अगर आपका दावा खारिज (Reject) हो गया था, तो उसे ‘सीआरसीएस सहारा रिफंड पोर्टल’ (CRCS Sahara Refund Portal) पर कमियों को सुधारकर पुनः सबमिट करें।
- आधार अपडेट: सुनिश्चित करें कि आपका आधार कार्ड आपके मोबाइल नंबर और बैंक खाते से लिंक हो।
प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT): एक तथ्यात्मक नजर (Factual Insight)
प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer – DBT) भारत सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य सब्सिडी और अन्य लाभों को सीधे जनता के बैंक खातों में स्थानांतरित करना है। मंईयां सम्मान योजना में इसी तकनीक का उपयोग हो रहा है। इसके लिए आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक होना अनिवार्य है। यह बिचौलियों को हटाकर पारदर्शिता सुनिश्चित करता है और लीकेज को रोकता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
झारखंड सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही मिशन मोड में नजर आ रहे हैं। मंईयां सम्मान योजना की रुकी हुई किस्तों का जारी होना और सहारा रिफंड में हलचल, आम जनता के लिए राहत का संकेत है।
अगर आपका पैसा अभी तक नहीं आया है, तो अगले 2-4 दिन इंतजार करें और अपने डीबीटी स्टेटस को चेक करते रहें। तकनीकी खामियों को दूर करें, क्योंकि सरकार की मंशा पैसा देने की है, रोकने की नहीं। आने वाला नया साल आर्थिक रूप से कई परिवारों के लिए शुभ समाचार लेकर आ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. मंईयां सम्मान योजना का पैसा कब तक आएगा?
16वीं और 17वीं किस्त जारी कर दी गई है। अलग-अलग जिलों में डीबीटी के माध्यम से पैसा पहुंचने में 24 से 48 घंटे का समय लग सकता है।
2. मुझे ₹5000 एक साथ क्यों नहीं मिले?
₹5000 उन महिलाओं को मिल रहे हैं जिनकी पिछली किस्त बकाया थी। अगर आपको पिछली किस्त मिल चुकी है, तो इस बार केवल ₹2500 ही मिलेंगे।
3. सहारा रिफंड के लिए दोबारा आवेदन कैसे करें?
आपको CRCS के आधिकारिक रिफंड पोर्टल पर जाना होगा और ‘Resubmission’ विकल्प चुनकर अपनी कमियों को सुधारना होगा।
4. क्या नए साल में योजना बंद हो जाएगी?
नहीं, रिपोर्ट्स के अनुसार जनवरी 2026 से नए आवेदन शुरू होंगे और योजना सुचारू रूप से चलती रहेगी।
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